
थोड़ी देर मोबाइल को मनुष्य मान लो ,मोबाइल की आंख हो गई कैमरा ,मोबाइल का कान हो गया माइक ,मोबाइल का मुंह हो गया स्पीकर । अब बताओ, मोबाइल के साथ दिनभर कितनी आंख मिचौली होती है, संवाद होते है और अपने पुत्र/पुत्री से कितना? 🤔 क्या हमने सोचा है की बालक से अधिक यंत्र को प्राथमिकता देने के परिणाम क्या होगा? 🤔