SHARE
Pranayama
Pranayama

प्राणायाम is not 30 minutes morning exercise as it is marketed nowadays in sick society seeking instant cure.

प्राणायाम is नित्य process. Once the child is initiated with गायत्री मन्त्र, प्राणायाम साधना begins. When child starts learning it at right age, with practice, by the age he or she reaches ripe age when body starts decay, he or she can maintain the Prana.

Here are some quotes explaining importance of नित्य प्राणायाम. All your physical activities should happen with continuous प्राणायाम.

यथा पर्वतधातूनां दह्यन्ते धर्मनान्मला।
तथेन्द्रियकृता दोषः दह्यन्ते प्राणधारणात् ॥
-अमृतनादोपनिषद्
जिस प्रकार सोने को तपाने से उसके खोट जल जाते हैं, उसी प्रकार इन्द्रियों के विकार प्राणायाम से जल कर नष्ट होते हैं।

प्राणायामेन युक्तस्य विप्रस्य नियतात्मनः।
सर्वे दोषाः प्रवश्यन्ति सत्वस्यश्चैव जायते ॥
तपांसि यानि तप्यन्ते व्रतानि नियमाश्च ये।
सर्वयज्ञफलश्चैव प्राणायामश्च तत्समः ॥
-वायु पुराण
प्राणायाम से युक्त नियत आत्मा वाले विप्र के समस्त दोष नष्ट हो जाया करते हैं और फिर वह केवल सत्वगुण में ही स्थित रहा करता है। जो भी तपस्यायें तपी जाती हैं, व्रत लिए जाते हैं और नियम ग्रहण किये जाते हैं तथा समस्त यज्ञों के करने का जो भी कुछ फल होता है वह सब प्राणायाम के समान होता है।

तस्मायुक्तः सदा योगी प्राणायामपरो भवेत्।
सर्व पापविशुद्धात्मा परं ब्रह्माधिगच्छति ॥
-वायु पुराण
इसलिए योगी को सर्वदा युक्त होकर प्राणायाम में परायण होना चाहिये। वह फिर समस्त पापों से विशुद्ध आत्मा वाला होकर परब्रह्म को प्राप्त कर लिया करता है।

प्राणायामो भवत्येवं पातकेन्धनपावकः।
भवोदधिमहासेतुः प्रोच्यते योगिभिः सदा ॥
-योग सन्ध्या
प्राणायाम करने से जैसे पातक रूपी काष्ठ को भस्म करने वाला अग्नि होता है तैसे ही संसार रूपी समुद्र से तारने वाला बड़ा पुल योगियों ने प्राणायाम को कहा है।

चित्तं न साध्यं विविधैर्विचारै-
र्वितर्कवादैरपि वेदवादिभिः।
तस्मात्तु तस्यैव हि केवलं जयः-
प्राणो हि विद्येत न कश्चिदन्यः ॥
-योग रहस्य

विविध विचारों, तर्को और अध्ययन श्रवण आदि से चित्त का समाधान नहीं होता, मनोनिग्रह तो प्राणायाम से ही सम्भव है।

Translation reference: http://hindi.awgp.org/gayatri/AWGP_Offers/Literature_Life_Transforming/Books_Articles/Panchkosh_jagran/pranmay_kosh/pranmay%205.2

 

LEAVE A REPLY