वर्षा के आगमन के पहले चक्रवात और वर्षा? जैसे अभी गुजरात प्रदेशमें हो रहा है । इसे कहते है ऋतु विपर्यय ।
अन्न रीति बदलाब । थोड़े दिन उपवास या क्षुधासे कम अन्न ग्रहण कीजिए! अधिक श्रम और प्रवास टालिए । इंद्रिय निग्रह कीजिए । पर्याप्त निद्रा लीजिए ।
न किया तो ? प्रज्ञा अपराध होने पर शरद आते आते पित्त प्रकोप होने की संभावना बढ़ जाएगी ।
एकादशी उपवास अवश्य करो।