जीतने प्राणधारी उतने है गणपति

Nisarg Joshi

Sadhana

ganesha

कुछ दिन पूर्व , लिखा तहत की जीतने प्राणधारी उतने है गणपति ।

गणेश जी की शुंड कर सीधा संदर्भ प्राणायाम से है । कुछ लोगों को सूर्य नाड़ी (right nostril breathing) की आवश्यकता है तो कुछ को चंद्र नाड़ी(left nostril breathing)

दक्षिणायन काल ही चंद्र साधना से मानसिक तप बढ़ाने का । एक के बाद एक सोम साधना से अग्नि प्रज्ज्वलित करने के प्रयास (ब्रह्मांड अग्निसोमात्मक है । अग्नि से सोम और सोम से अग्नि की उत्पत्ति है) । गणेश साधना, पितृ साधना, नवरात्र, शरद पूर्णिमा, दीपावली।

Right one to balance the stupor ones. (सूर्य नाड़ी प्राणायाम) – देव तृप्ति
Left one to balance hyper active ones. (चंद्र नाड़ी प्राणायाम) – पितर तृप्ति

At least शुण्ड-long breathing.

गणेश उत्सव के बाद है पितृ पक्ष । पितर का संबंध है चंद्र से । सोम से ।

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