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In this series, we will talk about ideal and achievable aspects of Education, that are missing in present education.

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I talked about infrastructure, I meant the luxury that parents and kid seek from school once they pay 1 lakh per year.

सुखार्थी त्यजते विद्यां विद्यार्थी त्यजते सुखम् ।
सुखार्थिन: कुतो विद्या कुतो विद्यार्थिन: सुखम् ॥

जो व्यक्ति सुख के पिछे भागता है उसे ज्ञान नही मिलेगा ।
तथा जिसे ज्ञान प्राप्त करना है वह व्यक्ति सुख का त्याग करता है ।
सुख के पिछे भागनेवाले को विद्या कैसे प्राप्त होगी ? तथा जिसको विद्या प्राप्त करनी है उसे सुख कैसे मिलेगा?

तपोवन = विद्यासे तप्त होने, वन आवश्यक है

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