राष्ट्र भावना – अदृश्य प्रगाढ़ सूत्र

वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिता | यजु. राष्ट्र को बुराइयों से बचाये रखने का उत्तरदायित्व पुरोहितों का है। ———————– तमेव ऋषिं तमु ब्रह्माणमाहुर्यज्ञन्य सामगा | ऋग् १०/१०७/६ निरन्तर ज्ञान दान करते रहना ब्राह्मण की पवित्र जिम्मेदारी है। Often, there is a myth propagated that this land never had राष्ट्र भावना. Yes, राष्ट्र is not modern Nation-state. … Continue reading राष्ट्र भावना – अदृश्य प्रगाढ़ सूत्र