Motherhood

Motherhood

No posts to display

Popular Posts

My Favorites

संस्कृत गोवीथि : : गव्य ३५ (शंकराचार्य विशेष)

एकान्ते सुखमास्यतां परतरे चेतः समाधीयतां पूर्णात्मा सुसमीक्ष्यतां जगदिदं तद्वाधितं दृश्यताम्। प्राक्कर्म प्रविलाप्यतां चितिबलान्नाप्युत्तरैः श्लिश्यतां प्रारब्धं त्विह भुज्यतामथ परब्रह्मात्मना स्थीयताम्॥५॥ एकांत के सुख का सेवन करें, परब्रह्म में चित्त...